Tally Notes in Hindi : सीखें Tally.ERP9 GST के साथ (हिन्दी में टैली के नोट्स)

Tally क्या है ? 

TALLY 
एक कम्प्यूटर पर आधारित एक प्रकार का अकाउंटिंग सोफ्टवेर है जिसकी सहायता से कम्प्यूटर में किसी व्यापार की अकाउंटिंग की जाती है | TALLY सोफ्टवेर कम्पनी का पूरा नाम Tally Solution Pvt. Ltd. है जो बेंगलुरु में स्थित है यह कम्पनी 1986 में लॉन्च हुई थी | श्याम सुंदर गोयनका द्वारा इस कम्पनी को प्रारम्भ किया गया था वर्तमान में इनके पुत्र श्री भरत गोयनका इस कम्पनी के मालिक है | 

First Version of Tally : 

टैली का पहला वर्जन वर्ष 1988 में Tally 3.0 के नाम से प्रारम्भ हुआ था | इसके बाद कई वर्जन आए वर्तमान में Tally.ERP नाम से लेटेस्ट वर्जन प्रयोग में लिया जा रहा है जो जीएसटी से सम्बंधित सभी प्रकार की एंट्री और उनकी रिपोर्ट को तैयार कर सकता है | 

TALLY के बारे में कुछ आवश्यक जानकारी :

कम्पनी का नाम : Tally Solution Pvt. Ltd, Bangaluru, Karnataka (India) 

कम्पनी के मालिक : स्व- श्री श्याम सुन्दर गोयनका तथा वर्तमान में इनके पुत्र श्री भरत गोयनका 

Tally का पहला वर्जन : Tally 3.0  (1988) 

Tally का पूरा नाम : Transaction Allowed in Linear Line Yard 

ERP का पूरा नाम : Enterprises Resource Planning 

Latest Version : Tally.ERP9 


Tally का सोफ्टवेर : 

Tally के सोफ्टवेर को आप सिखने के उद्देश्य से Tally Solution Pvt. Ltd. की वेबसाइट से फ्री में डाउनलोड कर सकते है और यदि आप अपने व्यापार में Tally सोफ्टवेर का प्रयोग करना चाहते है तो आपको इसका एक लाइसेंस वर्जन खरीदना होगा जिसमे आप व्यापार से जुड़े प्रत्येक प्रकार के लेनदेन की एंट्री आसानी से कर सकते है |

कैसे सीखें Tally Accounting : 

यह एक बहुत ही सरल सोफ्टवेर है जिसको कॉमर्स वाले आसानी से सीख सकते है यदि आपको अकाउंटिंग का ज्ञान नहीं है तो आप हमारी इस वेबसाइट के साथ बने रहे हम आपको अकाउंटिंग के बारे में अच्छा ज्ञान प्रदान करेंगे |

Tally में कम्पनी बनाना: 

टैली में कार्य प्रारम्भ करने से पहले हमे एक कम्पनी की आवश्यकता होती है जिसको हम निम्न स्टेप्स का प्रयोग करते हुए बना सकते है | 
  1. सबसे पहले आप अपने कम्प्यूटर पर टैली के सोफ्टवेर को ओपन कर ले | 
  2. यदि आपके पास लाइसेंस वर्जन सोफ्टवेर है तो आप डायरेक्ट Alt + F3 बटन प्रेस करे | 
  3. यदि आप एजुकेशनल मोड में कार्य कर रहे है तो टैली के सोफ्टवेर को ओपन करने के बाद work in education mode को सलेक्ट कर लें | 
  4. अब आपके सामने Create Company का ऑप्शन आ जाता है यदि पहले से कोई कम्पनी ओपन हो और Create Company का ऑप्शन ना आए तो आप Alt + F3 बटन प्रेस करते हुए Company Info. विंडो को ओपन कर ले यहाँ आपको तीसरे नम्बर पर Create Company का ऑप्शन दिखाई देता है जिसको सलेक्ट करने के बाद आप एक नई कम्पनी बना सकते है | 
  5. Tally में आपको नई कम्पनी बनाने के लिए कुछ ऑप्शन को लिखना होता है जिनको लिखने के बाद ही हमारी एक नई कम्पनी बन सकती है Create Company को सलेक्ट करने के बाद हमारे सामने निम्न प्रकार से ऑप्शन आते है | 
  • Directory Name: Create Company की विंडो ओपन होने के बाद हमारे सामने यह पहला ऑप्शन आता है जिसमे हमें किसी प्रकार का चेंज नहीं करना है क्योकि यह ऑप्शन हमें सिर्फ यह बताता है कि कम्प्यूटर में इस लोकेशन पर हमारी कम्पनी सेव होगी | 
  • Name : इस ऑप्शन में हम अपनी कम्पनी का नाम लिखते है जैसे Mahesh & Co. , Ritin Construction आदि प्रकार से आप अपनी कम्पनी का नाम लिख सकते है | 
  • Mailing Name : यह पत्र व्यवहार के लिए पता होता है अर्थात यदि कोई हमें डाक के माध्यम से कोई पत्र भेजता है तो हमें यहाँ हमारी कम्पनी का नाम ही लिख देना है जैसा की हमने उपर नाम वाले ऑप्शन में लिखा है | 
  • Address : यहाँ हम अपनी कम्पनी का पता ठीक उसी प्रकार से लिखते है जिस प्रकार से हम कही पर अपने घर का पता लिखते है हमारी कम्पनी जिस जगह पर चल रही है वह पता हम यहाँ लिख देते है | 
  • Country: यहाँ हम अपने देश का नाम लिखते है | 
  • State : यहाँ हम अपने राज्य का नाम लिखते है | 
  • Pin Code : हमारी कम्पनी जिस एरिया में चल रही है उस एरिया का पिन कोड यहाँ लिखना होता है | 
  • Contact Details : इस ऑप्शन में हमारे सामने Phone No., Mobile No., Fax No., Email ID, Website आदि लिखते है इसमें से यदि कोई ऑप्शन जैसे फेक्स तथा वेबसाइट यदि आपके पास ना हो तो उसको खाली छोड़ दे | 
  • Financial Year : यह वित्तीय वर्ष होता है जो कि 1 अप्रैल से प्रारंभ होता है यहाँ हम जो वित्तीय वर्ष चल रहा है वह लिख देते है जैसे 1-4-2019 
  • Books Beginning From : आप इस कम्पनी में पहला बिल या इनवॉइस कौनसी दिनांक का डालेंगे अर्थात अकाउंटिंग में हमारा लेनदेन कबसे प्रारंभ होगा वह दिनांक यहाँ लिख देते है यहाँ आप 1-4-2019 भी लिख सकते है | 
  • Security Control : यदि हम अपनी कम्पनी में कोई पासवर्ड रखना चाहते है तो उसको यहाँ लिख देते है जिससे अन्य कोई भी व्यक्ति हमारी कम्पनी को टैली में ओपन नहीं कर पायेगा लेकिन ध्यान से कही आप पासवर्ड भूल ना जाए | 
  • Base currency information : इस ऑप्शन में हमें किसी प्रकार के चेंजेस करने के आवश्यकता नहीं है यदि आप करना चाहे तो कर सकते है अन्यथा आप एन्टर बटन दबाते हुए अपनी कम्पनी को Accept कर ले | 
  • कम्पनी पूरी बन जाने के बाद हम कीबोर्ड के Esc बटन द्वारा Gateway of Tally विंडो पर आ जाते है जहा से हम टैली में प्रत्येक प्रकार का कार्य करते है | 

Shut Company: 

Tally की कम्पनी में दिनभर का कार्य पूरा हो जाने के बाद हम Gateway of Tally विंडो से Alt + F3 बटन प्रेस करते हुए Shut Company ऑप्शन को सलेक्ट करते है जिससे टैली सोफ्टवेर में हमारी कम्पनी shut हो जाती है अर्थात अस्थायी रूप से बंद हो जाती है | 

Select Company: 

टैली के सोफ्टवेर को ओपन करने के बाद Gateway of Tally विंडो से Alt + F3 बटन प्रेस करते हुए हम Select Company ऑप्शन द्वारा उस कम्पनी को या अन्य किसी कम्पनी को ओपन कर सकते है जिसको हमने Shut Company ऑप्शन द्वारा अस्थायी रूप से बंद किया था |

Company Information विंडो से सम्बंधित अन्य ऑप्शन को हम आगे सीखेंगे |


Gateway of Tally Window : 

टैली में कम्पनी बन जाने के बाद या किसी कम्पनी को सलेक्ट कर लेने के बाद हम Esc बटन की सहायता से Gateway of Tally विंडो पर आ जाते है जो कि टैली पर कार्य करने के लिए मुख्य विंडो होती है और इस विंडो से ही टैली में सभी प्रकार के कार्य किये जाते है क्योकि प्रत्येक कार्य या फिर किसी भी प्रकार की एंट्री को यही से follow करते हुए किया जाता है |

Gateway of Tally में दिखने वाले ऑप्शन :

1. Accounts Info: गेटवे ऑफ़ टैली का यह पहला ऑप्शन हमें टैली में कार्य करने के लिए विभिन्न प्रकार के Ledgers और उनके group बनाने की सुविधा देता है | जब इस ऑप्शन को सेलेक्ट किया जाता है तब हमारे सामने निम्न ऑप्शन आ जाते है |

नोट : प्रिय रीडर्स टैली के नोट्स को पढ़ने के लिए धन्यवाद हम इस नोट्स की सीरीज को आगे पूरा करेंगे कृपया वेबसाइट पर अपडेट देखते रहे 


Practice Set:

1. Purchase Goods from Mehta & Co. of Rs. 10,000.
2. Sold goods to Raman & Co. of Rs. 12,000.
3. Paid Salary to employee Rs. 50,000.
4. Paid rent of rs. 10,000 by Bank Cheque.
5. Received interest on bank deposit of rs. 1,000









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